अगर अलाने फलाने एग्रीगेटर से ही गूगल बाबा दिन में दो बार आपके ब्लाग पर घूम जाते है तो इस पोस्ट को गूगल में सर्च कीजिये

“31 agst, 2007 shukrawaar”

ये गूगल में कैसे उपस्थित है जबकि ये किसी अलाने फलाने एग्रीगेटर में नहीं है, ये तो सिर्फ नारद में ही है.



3 Responses to “Oh Narad Naaaaraad”  

  1. नारायण नारायण

  2. हुआ क्या है थोड़ा बात को विस्तार दें.


  1. 1 लो समझ लो बात « शिल्पा शर्मा का चिठ्ठा

Leave a Reply