Oh Narad Naaaaraad
01Sep07
अगर अलाने फलाने एग्रीगेटर से ही गूगल बाबा दिन में दो बार आपके ब्लाग पर घूम जाते है तो इस पोस्ट को गूगल में सर्च कीजिये
“31 agst, 2007 shukrawaar”
ये गूगल में कैसे उपस्थित है जबकि ये किसी अलाने फलाने एग्रीगेटर में नहीं है, ये तो सिर्फ नारद में ही है.
Filed under: बात-बेबात की | 3 Comments
नारायण नारायण
हुआ क्या है थोड़ा बात को विस्तार दें.