आशा भौंसले एक संवेदनशील कलाकार हैं ।
एक समारोह में जब हिमेश रेशमिया ने कहा कि राहुल देव बर्मन भी तो नाक से गाते थे तो आशा ने जबाब में कहा कि “चांटा मार दूंगी”।

स्टार एन्ड स्टायल की कानन दिवेचा ने कहा था शर्मिला टैगोर भद्दी लगती थी. सैफ अली खान ने उसकी गर्दन पकड़ ली। उसके आफिस का सारा फर्नीचर तोड़ दिया।

कल हमारी कालोनी में पांच साल के बच्चे ने अपने पड़ोसी का सर पत्थर मार कर तोड़ दिया क्योंकि वह पड़ोसी उस बच्चे के बाप के बारे में अशोभनीय बात कह रहा था।

हम जिन्हें पसंद करते हैं उनकी मुखालफत में कुछ भी क्यों नहीं सुन पाते?



7 Responses to “आशा भोंसले का चांटा”  

  1. कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना वाली बात हो रही है. :)

  2. ठीक सवाल उठाया है आप ने..

  3. ‘हम जिन्हें पसंद करते हैं’

    पसंद वालें नहीं जो हमारे अपने है उनकी बुराई पसंद नहीं करते हैं। कोई अपनी माँ,‍ पिता या पति के बारे में भला-बुरा क्यों सुनेगा?

  4. और अपनी माँ, पिता जैसे भी हों, बच्चे (बड़े होने पर भी) को सबसे अच्छे लगते हैं।

  5. 5 rachna

    sawal pasand ka hee nahin hae . agar baat galat hae to uska virodh karna sahee hae

  6. 6 meera

    u said right !
    we cannot hear any thing wrong about those persons who are so close to pur hearts.
    nice post..

  7. सवाल यह है कि आशा भोसले जी ने हिमेश को चांटा क्यों नही मारा ?

    हिमेश चला आर डी की बराबरी करने ! कौवा चले हंस की चाल !


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